बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 14 अप्रैल को जयंती के मौके पर बीजेपी देशभर में भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान चलाएगी. इस अभियान के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने देश भर के तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया. इस अभियान के जरिए बीजेपी की कोशिश है देशभर के दलित समाज तक पहुंच कर यह बताने की, कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का जितना सम्मान बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुआ उतना पहले कभी नहीं हुआ.
14 अप्रैल से लेकर 25 अप्रैल तक बीजेपी देशभर में भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान चलाने की तैयारी कर रही है. इसी कड़ी में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने देश भर से आए बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि दलित समाज के बीच जाकर सुनाने की बजाए उनकी बात सुनें. जेपी नड्डा ने कहा कि सांसद/मंत्री बनने का कोई मतलब नहीं अगर समाज के दबे/कुचले/निचले पायदान पर खड़ा तबका आपको लीडर नहीं मानता है.
2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हुआ था नुकसान
बीजेपी द्वारा देश भर में चलाए जाने वाले कार्यक्रम को विपक्ष के द्वारा गढ़े गए नेरेटिव को तोड़ने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है जिसके तहत विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के अपमान और संविधान को बदलने का लगातार आरोप लगाया था.
विपक्ष के नेरेटिव को तोड़ने की कोशिश में बीजेपी
2024 लोकसभा चुनाव के दौरान यह एक बड़ा मुद्दा भी बना था और बीजेपी को देश भर की कई सीटों पर विपक्ष के द्वारा चलाई गई इस मुहिम के चलते नुकसान भी उठाना पड़ा. लोकसभा चुनाव के बाद से ही बीजेपी लगातार इस मुद्दे को लेकर काफी आक्रामक भी है और लगातार विपक्षी पार्टियों पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और उनके द्वारा बनाए गए संविधान के अपमान का आरोप लगाते हुए यह बताने का काम करती रही है कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का सबसे बड़ा सम्मान बीजेपी सरकार के दौरान ही हुआ है और विपक्ष सिर्फ राजनीति करता रहा है.
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