रूस में भारतीयों के लिए नौकरी के नए अवसर लगातार बढ़ते जा रहे हैं. भारत के राजदूत विनय कुमार ने हाल ही में जानकारी दी कि रूसी कंपनियां, खासकर मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की बड़ी कंपनियां, भारतीय नागरिकों को रोजगार देने में गहरी रुचि दिखा रही हैं. इससे वहां भारतीय कामगारों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है.
राजदूत विनय कुमार ने यह बयान रूस की सरकारी समाचार एजेंसी टीएएसएस को दिए एक इंटरव्यू के दौरान दिया. उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे भारतीय नागरिक रूस में रोजगार के अवसरों का फायदा उठा रहे हैं, वैसे-वैसे भारतीय वाणिज्य दूतावास के कामकाज का बोझ भी बढ़ रहा है.
रूस को चाहिए कुशल मानव संसाधन
रूस की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा जैसे पश्चिमी देशों में इमिग्रेशन पॉलिसी लगातार सख्त होती जा रही है. इन देशों में वीजा और वर्क परमिट हासिल करना अब पहले की तुलना में मुश्किल हो गया है. ऐसे में भारतीय युवाओं के लिए रूस एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रहा है.
भारतीय राजदूत ने कहा कि रूस को फिलहाल बड़ी संख्या में कुशल मानव संसाधन की जरूरत है और भारत के पास ऐसे कामगार और प्रोफेशनल्स हैं जो इस मांग को पूरा कर सकते हैं. रूस के कानून और नियमों के तहत वहां की कंपनियां भारतीयों को नियुक्त कर रही हैं.
किन क्षेत्रों में बढ़ रही है भारतीयों की डिमांड
अब तक रूस में अधिकतर भारतीय कामगार निर्माण और टेक्सटाइल सेक्टर में काम करते थे. लेकिन अब मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी तकनीकी क्षेत्रों में भारतीयों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इन क्षेत्रों में भारतीय कर्मचारियों की मेहनत, लगन और तकनीकी ज्ञान को कंपनियां खूब पसंद कर रही हैं.
यही वजह है कि रूसी कंपनियां भारत से ज्यादा लोगों को नौकरी देने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं. हालांकि, भारतीय कामगारों की बढ़ती संख्या ने रूस में भारतीय वाणिज्य दूतावास के कामकाज को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है.
रूस में भारतीय समुदाय का लगातार विस्तार
आज रूस में भारतीय समुदाय की संख्या लगातार बढ़ रही है. अनुमान है कि वहां करीब 14,000 भारतीय रहते हैं. इसके अलावा लगभग 1,500 अफगान नागरिक भी भारतीय मूल के हैं, जो लंबे समय से रूस में बस गए हैं.
भारतीय छात्र बना रहे पहचान
रूस में पढ़ने वाले करीब 90 प्रतिशत भारतीय छात्र देशभर के 20 से ज्यादा विश्वविद्यालयों में मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. इसके अलावा, इंजीनियरिंग, एयरोनॉटिक्स, डिजाइनिंग और कंप्यूटर साइंस जैसे क्षेत्रों में भी भारतीय छात्र अपनी पहचान बना रहे हैं.
जानिए कैसे मिलेगा स्टूडेंट वीजा
रूस में पढ़ाई करने के लिए सबसे पहले किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से एडमिशन और इन्विटेशन लेटर जरूरी है. वीजा के लिए पासपोर्ट, शैक्षणिक दस्तावेज, मेडिकल रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट और फोटो लगानी होती है. आवेदन रूसी दूतावास या VFS सेंटर के माध्यम से किया जाता है और प्रोसेसिंग में 2-4 हफ्ते लगते हैं.
शुरुआती वीजा 90 दिनों का मिलता है, जिसे कोर्स अवधि तक बढ़ाया जा सकता है. रूस की यूनिवर्सिटी खासकर मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षा के लिए किफायती और विश्वस्तरीय हैं. भारतीय छात्रों का अनुभव है कि वहां पढ़ाई का माहौल सकारात्मक है और डिग्री भारत समेत कई देशों में मान्यता प्राप्त है.
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