चीनी वायुसेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल वांग गैंग ने पाकिस्तान का दौरा किया है. इस दौरान उन्होंने इस्लामाबाद में पाकिस्तानी अधिकारियों से मुलाकात की और पूरी तरह भारत से मुंह की खाने वाले पाकिस्तान की जमकर तारीफ की. चीन के वायु सेना प्रमुख का बयान ऐसे वक्त में आया है, जब पाकिस्तान भारत के साथ संघर्ष में चीन की सैन्य हथिरायों के इस्तेमाल की बात से मुकर रहा है.
वांग ने कहा कि चीन, पाकिस्तानी वायुसेना के अनुभवों से सीखना चाहता है. उन्होंने पाक वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू से मुलाकात की और दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई. चीन के रक्षा प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद के एयर हेडक्वार्टर का दौरा भी किया. पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ISPR के अनुसार, इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई. खास बात यह रही कि चीन ने पाक वायुसेना के अनुभवों से सीखने में रुचि दिखाई.
पाकिस्तानी सेना ने क्या कहा?
पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चीनी वायुसेना के चीफ ऑफ स्टाफ वांग गैंग ने पाकिस्तानी वायुसेना (PAF) की ऑपरेशनल क्षमताओं की सराहना की है. उन्होंने कहा कि भारत के साथ हुए संघर्ष के दौरान PAF ने आधुनिक युद्ध की एक मिसाल पेश की, जिससे चीन भी सीखना चाहता है. वांग गैंग ने यह इच्छा जताई कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) के अधिकारी पाकिस्तानी वायुसेना के अनुभवों से प्रशिक्षण लें और अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाएं.
चीनी वायुसेना प्रमुख वांग गैंग ने क्या कहा?
चीनी वायुसेना प्रमुख वांग गैंग ने अपने बयान में इस ओर भी ध्यान दिलाया कि कैसे चीन के आधुनिक J-10C फाइटर जेट्स पाकिस्तान की सैन्य ताकत को मजबूत करने में कारगर साबित हुए हैं. उन्होंने कहा कि चीनी तकनीक ने कई मामलों में पश्चिमी तकनीकों को पीछे छोड़ दिया है.
हालांकि, वांग गैंग ने चीन से पाकिस्तान को मिले HQ-9BE एयर डिफेंस सिस्टम की उस विफलता का कोई जिक्र नहीं किया, जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सामने आई थी. इस्लामाबाद में हुई इस बैठक में वांग गैंग ने जहां चीनी सैन्य क्षमताओं और पाकिस्तान के साथ रिश्तों की सराहना की, वहीं पाकिस्तानी अधिकारियों ने भी चीन की रणनीतिक मदद और सैन्य सहयोग की खुलकर तारीफ की.
6-7 मई की रात भारत ने लॉन्च किया था ऑपरेशन सिंदूर
6-7 मई की रात भारत ने पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पंजाब प्रांत में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर सर्जिकल हमले किए थे.
इन हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक सीमा पर सैन्य तनाव बना रहा और कई मोर्चों पर संघर्ष की स्थिति रही. इस दौरान चीन ने भी खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया और सैन्य-सामरिक स्तर पर उसकी मदद की. हालांकि, बावजूद इसके पाकिस्तान को इस टकराव में भारी नुकसान उठाना पड़ा. कई आतंकी शिविर ध्वस्त हुए, सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा और बड़ी संख्या में हताहतों की खबरें आईं.
इसके बावजूद पाकिस्तान ने इस सैन्य टकराव को दुनिया के सामने बढ़त हासिल करने का ढिंढ़ोरा पीटा. उसने न सिर्फ नुकसान पर चुप्पी साधी, बल्कि इस संघर्ष को रणनीतिक सफलता बताकर प्रचारित किया. चीन की ओर से भी पाकिस्तान का सहयोग किया जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाक-चीन गठजोड़ की मंशा और स्पष्ट हो जाती है.
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