Warren Buffett: दुनिया के सबसे बड़े निवेशक वॉरेन बफेट कंपनी बर्कशायर हैथवे को Kraft Heinz में अपने एक निवेश पर 3.8 अरब डॉलर (करीब 31,600 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है. यह बर्कशायर हैथवे के लिए किसी झटके से कम नहीं है. आमतौर पर वॉरेन बफेट जिस भी कंपनी में निवेश करते हैं वह मुनाफे में रहती है, लेकिन क्राफ्ट हाइन्ज के साथ ऐसा नहीं है.
कंपनी के मुनाफे में आई गिरावट
दरअसल, साल 2025 की दूसरी तिमाही में Berkshire Hathaway के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई, जिससे कंपनी का नेट प्रॉफिट 59 परसेंट लुढ़ककर 12.37 बिलियन डॉलर (लगभग 10.79 लाख करोड़ रुपये) रहा. जबकि पिछले साल कंपनी को 30.25 बिलियन डॉलर (लगभग 26.38 लाख करोड़ रुपये) का मुनाफा हुआ था.
हालांकि, क्राफ्ट हाइन्ज में बफेट को अपनी हिस्सेदारी पर जरूर नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन वह अभी भी फायदे में हैं क्योंकि 2015 में क्राफ्ट और हाइन्ज के मर्ज होने से बनी पैकेज्ड फूड बनाने वाली इस कंपनी के शेयरों में तब से लेकर अब तक भले ही 62 परसेंट की गिरावट आई है, लेकिन S&P 500 इंडैक्स में इसमें 202 परसेंट का तगड़ा उछाल आया है.
कंपनी मुश्किलों का कर रही सामना
अब क्राफ्ट हाइन्ज भी अपने कारोबार के एक हिस्से को अलग करने के बारे में सोच रही है क्योंकि इन दिनों कंपनी कई चुनौतियों का सामना कर रही है. एक तो बढ़ती महंगाई के चलते कंपनी उपभोक्ता खर्च पर बढ़ते दबाव को झेल रही है.
इसके अलावा, लोग अब अपनी सेहत को लेकर अधिक सचेत हो गए हैं और खाने-पीने के हेल्दी ऑप्शंस को अपनाने लगे हैं. ऐसे में क्राफ्ट हाइन्ज के बजाय कस्टमर्स दूसरे प्रोडक्ट्स को तरजीह देने लगे हैं. इसी के चलते पिछले महीने कंपनी की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई. इस तरह से क्राफ्ट हाइन्ज लगातार घाटे में है.
क्राफ्ट हाइन्ज में बर्कशायर हैथवे की 27 परसेंट से अधिक हिस्सेदारी है. जून तिमाही के अंत में बर्कशायर हैथवे ने क्राफ्ट हाइन्ज में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 8.4 अरब डॉलर कर दी है. पिछले दो सालों में कंपनी में बर्कशायर हैथवे का निवेश लगातार घट रहा है. इस साल की शुरुआत में क्राफ्ट हेंज के बोर्ड से बर्कशायर के प्रतिनिधियों ने इस्तीफा दे दिया था.
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