नदी से मिला था पाकिस्तानी नागरिक का शव, LoC पर भारतीय अधिकारियों ने PAK आर्मी को सौंपा

नदी से मिला था पाकिस्तानी नागरिक का शव, LoC पर भारतीय अधिकारियों ने PAK आर्मी को सौंपा


नियंत्रण रेखा (LOC) के पार एक दुर्लभ मानवीय कदम उठाते हुए, भारतीय अधिकारियों ने शनिवार (2 अगस्त, 2025) को उत्तरी कश्मीर के करनाह सेक्टर में टीटवाल क्रॉसिंग पॉइंट पर एक पाकिस्तानी नागरिक का शव पाकिस्तान के अधिकारियों को सौंप दिया. शव को कड़ी सुरक्षा और पूरी प्रशासनिक निगरानी में शनिवार (2 अगस्त) की शाम छह बजे सौंप दिया गया.

20 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के केरन घाटी के सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पास किशनगंगा नदी के किनारे से बरामद होने के बाद से मृतक की पहचान शुरू में अज्ञात थी. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, स्थानीय औकाफ समिति ने शव को दफना दिया, क्योंकि शव के लिए कोई दावेदार सामने नहीं आया था.

पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय अधिकारियों से किया था संपर्क

इसके बाद जुलाई महीने में ही, पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) ने औपचारिक रूप से सूचित किया कि मृतक एक पाकिस्तानी नागरिक था और उसे वापस करने का अनुरोध किया. इसके जवाब में कुपवाड़ा के जिला मजिस्ट्रेट ने पहचान सत्यापन और सम्मानजनक तरीके से शव को सौंपने के लिए BNSS की धारा 196 के तहत शव को बाहर निकालने का आदेश दिया.

मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सौंपा गया पाकिस्तानी नागरिक का शव

प्रत्यावर्तन प्रक्रिया का पर्यवेक्षण उप-विभागीय मजिस्ट्रेट करनाह जफर अहमद लोन, तहसीलदार करनाह मोहम्मद अमीन भट और केरन व करनाह दोनों थानों के थाना प्रभारियों ने संयुक्त रूप से किया. इस दौरान चिकित्सा कर्मी और स्थानीय मजिस्ट्रेट भी मौजूद थे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उचित कानूनी और मानवीय प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाए. इसके बाद शव को केरन से टीटवाल ले जाया गया और नियंत्रण रेखा (LOC) पर पाकिस्तानी अधिकारियों को सम्मानपूर्वक सौंप दिया गया, जिसे अधिकारियों ने सीमा पार करुणा का एक दुर्लभ कार्य बताया.

भारतीय और पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयानों का इंतजार

यह अभियान दोनों पक्षों के बीच समन्वित सैन्य संचार के माध्यम से चलाया गया, जो तनावपूर्ण भू-राजनीतिक संबंधों के बीच भी मृत्यु में सम्मान के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है. भारतीय विदेश मंत्रालय और पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के आधिकारिक बयानों का अभी भी इंतजार है क्योंकि शव सौंपने की यह घटना व्यापक क्षेत्रीय और राजनयिक ध्यान आकर्षित कर रही है.

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