नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मुजफ्फरपुर के चर्चित AK-47 राइफल और विस्फोटक बरामदगी केस में एक वांटेड आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपी का नाम मंज़ूर खान उर्फ बाबू भाई है.
NIA के मुताबिक वो इस केस के मुख्य आरोपी विकास कुमार का करीबी माना जाता है. मंज़ूर पर आरोप है कि वो बिहार में AK-47 जैसी खतरनाक राइफल और दूसरे हथियारों की सप्लाई कराने की साज़िश में शामिल था. हथियारों की ये सप्लाई नागालैंड से बिहार तक की जा रही थी.
4 लोगों की पहले हो चुकी है गिरफ्तारी
NIA के मुताबिक शुरुआत में ये केस फकुली पुलिस ने दर्ज किया था. जब मुरघटिया ब्रिज के पास से पुलिस ने एक AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद किए थे. उस समय चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ Arms Act में चार्जशीट फाइल की गई थी.
ये मामला बेहद संगीन था इसलिए इस केस को NIA को सौंपा गया. NIA ने अगस्त 2024 में केस अपने हाथ में लिया और जांच के दौरान मंज़ूर खान की भूमिका सामने आई. एजेंसी का कहना है कि मंजूर और उसके साथियों ने पब्लिक पीस और सिक्योरिटी को डिस्टर्ब करने के लिए ये हथियार स्मगलिंग की प्लानिंग की थी.
NIA इस केस में पहले ही चार आरोपियों विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ पहली सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. इन पर IPC की धारा 120B (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) और UAPA की धारा 13 और 18 लगाई गई थी.
मामले में NIA की जांच जारी
NIA ने साफ किया है कि ये केस अब भी अंडर-इन्वेस्टिगेशन है और जल्द ही और खुलासे हो सकते है. एजेंसी का कहना है कि हथियारों की ये तस्करी सिर्फ लोकल लेवल की नहीं बल्कि एक बड़े नेटवर्क से जुड़ी है, जिसका मकसद देश की सिक्योरिटी को खतरे में डालना था.
ये भी पढ़ें