Shruti Chaturvedi Vancouver Canada: भारतीय ऑन्त्रप्रन्योर श्रुति चुतर्वेदी ने कहा है कि भारतीय शहरों को कनाडा के वैंकूवर से काफी कुछ सीखने की जरूरत है. श्रुति का कहना है कि वैंकूवर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भरोसा किया जा सकता है. वैंकूवर के फुटपाथ बनाते वक्त आम लोगों का खास खयाल रखा गया है. यहां की गाड़ियां बेवजह हॉर्न नहीं बजाती हैं. श्रुति ने इसी तरह कुल 19 पॉइंट्स बताए हैं, जिससे भारतीय शहरों को और ज्यादा बेहतर किया जा सकता है. श्रुति इंडिया एक्शन प्रोजेक्ट की फाउंडर हैं.
दरअसल श्रुति हाल ही में कनाडा के वैंकूवर गई थीं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ”वैंकूवर दुनिया के 10 सबसे ज्यादा भरोसेमंद और अच्छे शहरों की लिस्ट में शामिल है. भारत यहां से बहुत कुछ सीख सकता है.” श्रुति ने एक्स पर कई तस्वीरें भी शेयर की हैं. उन्होंने पहला पॉइंट फुटपाथ का रखा. श्रुति ने लिखा, ”चौड़े शेड बने हैं. यहां हर क्रॉसिंग पैदल चलने वाले लोगों का खयाल रखती है. गाड़ियां बेवजह हॉर्न नहीं बजाती हैं.”
श्रुति ने वॉटरफ्रंट और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को लेकर भी बात की. उन्होंने दूसरे पॉइंट में वॉटरफ्रंट को रखा. श्रुति ने लिखा, ”यहां का वॉटरफ्रंट आमलोगों के लिए बना है. समुद्र से लगता हुआ साइकलिंग ट्रैक और पैदल चलने के लिए जगह बनी है. यहां किसी की प्राइवेट ऑनरशिप नहीं है.” उन्होंने तीसरे पॉइंट में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को रखना. श्रुति ने बताया कि वैंकूवर का पब्लिक ट्रांसपोर्ट काफी आसान और भरोसेमंद है. यहां कहीं जाने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता है.
Been in Vancouver on & off for 2 weeks. It’s consistently ranked one of the top 10 most liveable cities in the world. Some observations that I feel India can learn from: 🧵
1. Footpaths are critical infrastructure.
Wide, shaded continuous. Every crossing respects the pedestrian.… pic.twitter.com/IJFs7OZgVA
— Shruti Chaturvedi 🇮🇳 (@adhicutting) April 20, 2025
शहर में और क्या-क्या हो सकता है बेहतर –
श्रुति ने बताया कि भारत में और क्या-क्या बेहतर हो सकता है. उन्होंने चौथे पॉइंट में शहर की गलियों को रखना है. इसके बाद पांचवें पॉइंट्स में पार्क की बात की. श्रुति ने बताया कि यहां के छोटे पार्कों का भी खयाल रखा गया है. ऐसा नहीं है कि सिर्फ बड़े पार्क के रखरखाव पर ध्यान दिया गया है. हर जगह पर बोर्ड लगे हैं. श्रुति ने इस तरह शहर में लगी हुई लाइट्स पर बात की. इसकी भी खूब तारीफ की है.
19. Public washrooms are clean, free, and everywhere. Maintained like critical infrastructure, not charity or dependent on token CSR by a corporate. Frequent cleaning (by govt and some outsourced to private companies), durable design keeps them usable for all.
— Shruti Chaturvedi 🇮🇳 (@adhicutting) April 20, 2025
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