रिलायंस इंडस्ट्रीज की 48वीं सालाना जनरल मीटिंग (AGM) में रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक नीता अंबानी ने एक हेल्थ केयर प्रोजेक्ट की घोषणा की. इसके तहत रिलायंस फाउंडेशन मुंबई के बीचों-बीच 2,000 बेड वाले एक मॉर्डन मेडिकल सिटी बना रहा है. नीता अंबानी ने बताया कि फाउंडेशन की ग्रामीण विकास पहलों ने इस साल 55,000 से अधिक गांवों में 15 लाख लोगों के जीवन को बेहतर बनाया है.
नीता अंबानी ने कहा कि ग्रामीण विकास, शिक्षा, और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में रिलायंस फाउंडेशन की पहल देश के कोने-कोने तक पहुंच रही हैं. उन्होंने कहा, “यह केवल एक अस्पताल नहीं होगा, बल्कि भारत में हेल्थकेयर इनोवेशन का एक नया हब बनेगा. यहां AI से डायग्नोसिस किया जाएगा. एडवांस मेडिकल टेक्नोलॉजी, भारत ओर दुनिया के बेहतरीन डॉक्टर मिलकर यहां इलाज के ऊंचे मानकों को पूरा करेंगे.” उन्होंने कहा कि यहां एक मेडिकल कॉलेज भी बनाया जाएगा ताकि भविष्य के डॉक्टर तैयार किए जा सकें.
उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में मुंबई स्थित सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल ने 33 लाख मरीजों का इलाज किया है और इसे भारत के अग्रणी मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल का दर्जा दिया गया है. उन्होंने कहा, अस्पताल अब अपने काम का विस्तार करते हुए जीवन नाम का नया विंग शुरू कर रहा है. यह खास तौर पर कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी के लिए होगा, जिसमें बच्चों के कैंसर इलाज (पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
नीता अंबानी ने इस बात पर जोर दिया कि हमारा मिशन केवल क्षमता का विस्तार करना नहीं है, बल्कि विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा को हर भारतीय के लिए सुलभ और किफायती बनाना है. उन्होंने बताया कि रिलायंस फाउंडेशन की ग्रामीण विकास पहलों ने इस साल 55,000 से अधिक गांवों में 15 लाख लोगों के जीवन को बेहतर बनाया है. इसमें जल सुरक्षा, खेती, मुछुआरा समुदायों को सशक्त बनाना और महिलाओं-बच्चों को सहारा देना शामिल है.
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य भारत के हर कोने में 1 करोड़ से ज़्यादा बच्चों तक विश्वस्तरीय शिक्षा पहुंचाना है. उन्होंने जोर देकर कहा कि खेलों में जीवन बदलने की शक्ति है. उन्होंने बताया कि अपने ‘सभी के लिए शिक्षा और खेल‘ कार्यक्रम के जरिए रिलायंस फाउंडेशन अब तक 2.3 करोड़ से ज्यादा बच्चों तक पहुंच चुका है.