दुनिया की दो बड़ी खुफिया एजेंसियों रॉ (RAW) और मोसाद (Mossad) के प्रमुखों की सैलरी हमेशा से ही लोगों की जानकारी का विषय रही है. हाल ही में RAW के नए प्रमुख और मोसाद के चीफ की सैलरी के आंकड़े सामने आए हैं, जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे.
RAW प्रमुख की सैलरी
सरकार ने हाल ही में RAW के नए प्रमुख के रूप में पराग जैन की नियुक्ति की पुष्टि की है. वे पहले RAW में स्पेशल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे. अब उन्हें भारत की खुफिया एजेंसी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. RAW के प्रमुख की सैलरी केंद्र सरकार की कैबिनेट सेक्रेटरी ग्रेड के अनुसार तय होती है. इसे Pay Level 18 (Apex Scale) कहा जाता है. इस स्केल में अधिकारी की बेसिक सैलरी करीब 2.5 लाख रुपये प्रतिमाह होती है.
इसके अलावा उन्हें महंगाई भत्ता (DA), आवास भत्ता (HRA), ट्रैवल अलाउंस, मेडिकल फैसिलिटी जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं. इन सभी भत्तों को मिलाकर उनकी कुल सैलरी 3.5 लाख से 4 लाख रुपये प्रतिमाह तक पहुंच सकती है. RAW प्रमुख के पद की जिम्मेदारी बहुत भारी होती है. देश की सुरक्षा, विदेशी खुफिया जानकारी और आतंकवाद रोधी मामलों की निगरानी सीधे उनके जिम्मे होती है. इस कारण उनकी सैलरी को Apex Scale के अनुसार तय किया गया है.
मोसाद चीफ की सैलरी
इसी बीच, मोसाद के चीफ की सैलरी के आंकड़े भी सामने आए हैं. ईरानी हैकर्स ने मोसाद के प्रमुख की सैलरी के दस्तावेज सार्वजनिक किए, जिसमें बताया गया है कि मोसाद चीफ सालाना 8,70,000 शेकेल लेते हैं. यह राशि डॉलर में करीब 2,50,000 डॉलर के बराबर है. मोसाद और RAW दोनों ही खुफिया एजेंसियां हैं, लेकिन उनकी सैलरी और भत्तों में अंतर है. जबकि भारत में RAW चीफ को महंगाई भत्ते और अन्य सुविधाएं मिलती हैं, मोसाद चीफ को सालाना राशि शेकेल में तय होती है.
सैलरी के अलावा जिम्मेदारियां
RAW और मोसाद के प्रमुखों की जिम्मेदारी सिर्फ सैलरी तक ही नहीं है. इनकी भूमिका में देश की सुरक्षा, खुफिया जानकारी जुटाना, विदेशी एजेंसियों के साथ तालमेल और आतंकवाद विरोधी मिशनों का संचालन शामिल है.
यह भी पढ़ें : बिग बॉस 19 में सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा कंटेस्टेंट कौन? यहां से की है स्टडी कंप्लीट
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI