सितंबर 2025 में इतने दिन खुलेंगे स्कूल, यहां चेक कर लें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

सितंबर 2025 में इतने दिन खुलेंगे स्कूल, यहां चेक कर लें छुट्टियों की पूरी लिस्ट


सितंबर का महीना भारत में त्योहारों की शुरुआत लेकर आता है. इस साल भी सितंबर का कैलेंडर कई बड़े और खास अवसरों से भरा हुआ है. देश के अलग-अलग हिस्सों में ओणम, ईद-ए-मिलाद, नवरात्र स्थापना और दुर्गा पूजा जैसे त्यौहार मनाए जाएंगे. त्योहारों का सीधा असर स्कूलों की छुट्टियों पर भी पड़ता है. जहां एक ओर बच्चे इन छुट्टियों का इंतजार करते हैं, वहीं अभिभावक भी पहले से योजना बनाकर इन दिनों को खास बनाने की तैयारी करते हैं.

सितंबर की शुरुआत होते ही केरल में रंग-बिरंगे त्योहार ओणम का उत्सव शुरू हो जाएगा. इस साल 4 और 5 सितंबर को ओणम मनाया जाएगा. इसे फसल का त्योहार कहा जाता है और यह भगवान महाबली की याद में मनाया जाता है. घरों में पूकलम (फूलों की सजावट), वल्लमकली (नौका दौड़) और पारंपरिक दावत “ओणसद्या” का आयोजन होता है. इन दिनों केरल और आसपास के राज्यों में स्कूलों में छुट्टियां रहती हैं. बच्चों के लिए यह समय उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से भरपूर होता है.

ईद-ए-मिलाद

ओणम के तुरंत बाद 5 और 6 सितंबर को ईद-ए-मिलाद यानी मिलाद-उन-नबी का पर्व मनाया जाएगा. यह दिन इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मुहम्मद के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में इस अवसर पर स्कूल बंद रहने की संभावना है. इस दिन जुलूस, विशेष नमाज़ और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. कई जगहों पर दो दिन की छुट्टी भी रहती है.

नवरात्रि

सितंबर के तीसरे हफ्ते से मां दुर्गा की भक्ति का पर्व नवरात्रि शुरू होगा. इस साल नवरात्रि स्थापना 22 सितंबर को होगी. इस दिन से घरों में कलश स्थापना और देवी की पूजा शुरू हो जाती है. कई राज्यों में इस दिन स्कूलों की छुट्टियां रहती हैं ताकि परिवार धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले सकें. खासतौर पर उत्तर भारत के राज्यों में इस मौके पर विशेष तैयारी होती है.

दुर्गा पूजा

सितंबर के आखिरी हफ्ते में देश का सबसे भव्य पर्व दुर्गा पूजा मनाया जाएगा. 29 सितंबर को महासप्तमी और 30 सितंबर को महाष्टमी का उत्सव होगा. पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा और त्रिपुरा जैसे राज्यों में इन दिनों स्कूल बंद रहेंगे. दुर्गा पूजा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सांस्कृतिक महोत्सव भी है. पंडालों की खूबसूरत सजावट, ढाक की आवाज और पारंपरिक नृत्य-गान इस त्योहार को खास बनाते हैं. बच्चों के लिए यह समय बेहद यादगार होता है क्योंकि उन्हें लंबे अवकाश के साथ परिवार और दोस्तों के साथ त्योहार का आनंद लेने का अवसर मिलता है.

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