‘हमारी जमीन के नीचे छिपा है खजाना’, बलोच नेता ने भारत की सरकारी कंपनियों को लिखा लेटर

‘हमारी जमीन के नीचे छिपा है खजाना’, बलोच नेता ने भारत की सरकारी कंपनियों को लिखा लेटर


बलूचिस्तान के प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने शुक्रवार (1 अगस्त, 2025) को भारत की सार्वजनिक और सरकारी क्षेत्र की कंपनियों को पत्र लिखकर बलूचिस्तान में छिपे खनिज पदार्थों को खोज निकालने की अपील की. उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते लोकतंत्र और प्रौद्योगिकी महाशक्ति के रूप में भारत, बलूचिस्तान का सबसे स्वाभाविक और विश्वसनीय साझेदार है.

उन्होंने लिखा, “दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व और मध्य एशिया के ट्राई-जंक्शन पर स्थित बलूचिस्तान, दुनिया के सबसे भू-राजनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है. अरब सागर के किनारे 1,000 किलोमीटर से ज्यादा लंबी तटरेखा और प्रमुख समुद्री निर्बाध व्यापार मार्गों से निकटता के कारण, यह मध्य एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व का एक स्वाभाविक प्रवेश द्वार है.”

मीर यार बलूच ने अपने लेटर में क्या लिखा ?

मीर यार बलोच ने आगे लिखा, “क्षेत्र की ऊबड़-खाबड़ जमीन के नीचे खजाना छिपा है. खरबों डॉलर मूल्य के दुर्लभ खनिज, सोना, तांबा, तेल, कोयला, लिथियम और प्राकृतिक गैस. इस अपार संपदा के बावजूद, दशकों के शोषण और कब्जे ने इस क्षेत्र को अविकसित बना दिया है. एक स्वतंत्र और संप्रभु बलूचिस्तान गणराज्य रणनीतिक साझेदारियों द्वारा संचालित आर्थिक परिवर्तन और समावेशी विकास की कल्पना करता है.”

‘भारत के पास नए राष्ट्र के निर्माण में भाग लेने का अवसर’

मीर ने जोर देकर कहा कि भारत के पास एक नए राष्ट्र के निर्माण में भाग लेने का एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाला अवसर है. उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान का विकास खाका 30 उच्च-प्रभाव वाले उद्योगों में भारतीय पेशेवरों के लिए दस लाख से ज्यादा रोजगार प्रदान करता है. मानवाधिकार कार्यकर्ता के अनुसार, भारतीय प्रतिभाओं और कंपनियों के लिए प्रमुख उद्योगों और रोजगार संभावनाओं की संख्या में ऑटोमोटिव उद्योग शामिल है, जो यात्री कारों, एसयूवी, ट्रकों और वाणिज्यिक वाहनों सहित 40,000 लोगों के लिए रोजगार पैदा कर सकता है.

उन्होंने कहा कि अन्य उद्योगों में रक्षा और हथियार उद्योग (5000 रोजगार), मिसाइल, टैंक, राइफल, बख्तरबंद वाहन, रेलवे और ट्रेन निर्माण (20,500 रोजगार), ट्रेन, मेट्रो कोच, लोकोमोटिव, वंदे भारत एक्सप्रेस और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उद्योग (20,000 रोजगार), इलेक्ट्रिक कार, बाइक, बस, बैटरी, अंतरिक्ष और उपग्रह उद्योग (2000 नौकरियां), उपग्रह, प्रक्षेपण यान, अंतरिक्ष अनुसंधान प्रणालियां, भारी इंजीनियरिंग और मशीनरी (4000 नौकरियां) समेत अन्य कई क्षेत्रों में रोजगार के ढेरों अवसर हैं.

मीर ने जोर देकर कहा कि बलूचिस्तान भारत को व्यापार के अलावा रणनीतिक गहराई, ऊर्जा सुरक्षा, शांति सहित और भी बहुत कुछ प्रदान करता है.

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