Indian Air Defence: भारतीय सेना को जल्द ही मैन पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम की पहली खेप मिलने वाली है. यूनाइटेड किंगडम की डिफेंस कंपनी ‘थेल्स’ और भारतीय कंपनी ‘भारत डायनेमिक्स लिमिटेड’ ने इसके सप्लाई पर सहमति जताई है. यह एक बेहद कम दूरी वाला एयर डिफेंस सिस्टम है जो तेज गति से काफी नजदीक आ चुके दुश्मन की मिसाइल व लड़ाकू विमानों को टारगेट करने में सक्षम है. इस हथियार से भारत का आसमान और ज्यादा सुरक्षित होगा.
भारत और यूके सरकार की मंजूरी के बाद थेल्स और बीडीएल ने लेजर बीम राइडिंग (LBRM) मैन पोर्टेबल एयर डिफेंस (MANPAD) वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस (VSHORAD) सिस्टम पर काम करना शुरू किया था. दोनों देशों की इन कंपनियों के बीच साल 2021 में इस तरह के सुरक्षा हथियार बनाने पर समझौता हुआ था.
क्या है यह सिस्टम?
सेना के जवान इस हथियार को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकते हैं. इसीलिए इसे मैन पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम कहा जाता है. यह लेजर बीम के सहारे दुश्मन के एयरक्राफ्ट को निशाना बनाता है. इस हथियार को मुख्यतः कम दूरी के एयर डिफेंस सिस्टम के तौर पर तैयार किया गया है ताकि अगर दुश्मन की कोई मिसाइल या एयरक्राफ्ट ज्यादा दूरी वाली एयर डिफेंस सिस्टम को भेद कर नजदीक आ जाए तो इस हथियार से उसे निशाना बनाया जा सके. भारत और यूके सरकार के समझौते के मुताबिक, इस हथियार का 60% हिस्सा भारत में ही निर्मित होगा.
यह हथियार मिलने के बाद भारतीय सेना फाइटर ग्राउंड अटैक एयरक्राफ्ट और देर से मास्क करने वाले अटैक हेलीकॉप्टर और ड्रोन को आसानी से निशाना बनाने में कामयाब होगी. बता दें कि पिछले साल भारत में लगातार इस हथियार की टेस्टिंग हुई है और यह टेस्ट सफल भी साबित हुए हैं.
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