128 साल पहले फ्रांस ने किया था मेडागास्कर के राजा का सिर कलम, अब लौटाईं खोपड़ियां

128 साल पहले फ्रांस ने किया था मेडागास्कर के राजा का सिर कलम, अब लौटाईं खोपड़ियां


फ्रांस ने मेडागास्कर को तीन मानव खोपड़ियां लौटा दी हैं, जिनमें से एक 19वीं सदी के मालागासी राजा टोएरा का मानी जा रही है, जो सकलावा जनजाति से थे. यह वापसी 128 साल बाद हुई है, जब ये खोपड़ियां फ्रांस लाई गई थीं.

फ्रांसीसी संस्कृति मंत्रालय में मंगलवार (26 अगस्त, 2025) को आयोजित एक समारोह में यह वापसी की गई. यह 2023 में बनाए गए उस फ्रांसीसी कानून का पहला प्रयोग है, जो अंतिम संस्कार के लिए मानव अवशेषों को उनके मूल देश में वापस भेजने का अधिकार देता है.

खूनी विद्रोह के दौरान राजा की हुई थी हत्या

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अन्य दो खोपड़ियां सकलावा योद्धाओं की थीं, जिन्होंने राजा टोएरा के साथ युद्ध किया था और पश्चिमी मेडागास्कर में मेनाबे साम्राज्य के खिलाफ खूनी विद्रोह के दौरान उन्हें भी मार डाला गया था. फ्रांसीसी सैनिकों ने 19वीं सदी के अंत में साकालावा साम्राज्यों को हराकर मेडागास्कर पर कब्जा कर लिया.

अगस्त 1897 में, फ्रांसीसी सैनिकों ने मेडागास्कर के राजा टोएरा की हत्या कर दी और उनका सिर काट दिया. फिर उनकी खोपड़ी को एक जीत की निशानी की तरह पेरिस ले जाया गया और कई अन्य अवशेषों के साथ राष्ट्रीय प्रकृतिक इतिहास संग्रहालय में रख दिया गया.

खोपड़ियों की वापसी एक अभूतपूर्व कदम

फ्रांस की संस्कृति मंत्री रचिदा दाती ने कहा, ‘ये खोपड़ियां राष्ट्रीय संग्रह में ऐसे हालात में शामिल हुईं, जो स्पष्ट रूप से मानवीय गरिमा का उल्लंघन करती थीं और औपनिवेशिक हिंसा के संदर्भ में थीं.’ अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, मेडागास्कर की संस्कृति मंत्री वोलामिरांती डोना मारा ने कहा कि खोपड़ियों की वापसी एक अभूतपूर्व कदम है, जो फ्रांस और मेडागास्कर के रिश्तों में एक नए दौर की शुरुआत करता है. 128 सालों से हमारे राजा की अनुपस्थिति हमारे देश के दिल में एक खुला घाव बनी हुई थी.

फ्रांस के राष्ट्रपति की अनोखी पहल 

वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद से अफ्रीका में फ्रांस की ओर से की गई पुरानी गलतियों को मानना शुरू कर दिया है. अप्रैल में मेडागास्कर की यात्रा के दौरान मैक्रों ने कहा कि वे मेडागास्कर पर फ्रांस के ‘खूनी और दुखद’ कब्जे के लिए माफी मांगते हैं. अब खोपड़ियों को रविवार को हिंद महासागर के इस द्वीप पर दफनाने के लिए वापस लाया जाएगा.

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