इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का पहला भारत दौरा क्यों है खास? जानें

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का पहला भारत दौरा क्यों है खास? जानें


Prabowo Sabianto India Visit: इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे. बतौर इंडोनेशियन राष्ट्रपति यह उनका पहला भारत दौरा होगा. राष्ट्रपति सुबियांतों इंडोनेशिया के चौथे ऐसे राष्ट्रपति होंगे, जो भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के चीफ गेस्ट होंगे. पहली बार साल 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस के मौके पर इंडोनेशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति सुकारनो मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आए थे.

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ 352 सदस्यीय मार्चिंग दस्ता व बैंड दल भारत के गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेगा. इंडोनेशिया के राजनीतिक इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जब उनका मार्चिंग और बैंड दल किसी अन्य देश के गणतंत्र दिवस या राष्ट्रीय दिवस के परेड में हिस्सा ले रहा है.

क्यों खास है सुबियांतो का ये दौरा?

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबियांतो जब भारत दौरे पर होंगे तो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत व समीक्षा होगी. इसमें राजनीतिक, रक्षा व सुरक्षा सहयोग, व्यापार व निवेश, स्वास्थ्य, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, संस्कृति, कनेक्टिविटी, पर्यटन और दोनों देशों की जनता के आपसी संबंधों पर बातचीत होगी. इस दौरान कई MoU पर हस्ताक्षर और कई बड़ी घोषणाएं भी संभावित हैं. इस दौरे के साइडलाइन में तीसरा CEO फोरम भी आयोजित किया जाएगा. इस CEO फोरम में कनेक्टिविटी, औद्योगिकरण, हेल्थ केयर, खाद्य सुरक्षा और तकनीक को आगे बढ़ाने पर दोनों देश बातचीत करेंगे. इस मंच के माध्यम से प्रमुख नीति निर्माता, इंडस्ट्री लीडर, CEOs और एक्सपर्ट आपस में विकास और निवेश के लेकर संभावनाओं पर बातचीत करेंगे.

एक्ट ईस्ट पॉलिसी में इंडोनेशिया कहां?

भारत और इंडोनेशिया के संबंध बहुत गहरे और अच्छे हैं. भारत की एक्ट ईस्ट नीति में इंडोनेशिया का अपना एक अलग स्थान है. भारत और इंडोनेशिया के बीच आर्थिक सहयोग पूरे आसियान क्षेत्र में सबसे ज़्यादा है. 2023-24 में दोनों देशों के बीच 29.40 बिलियन अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ. भारत ने इंडोनेशिया में 1.56 बिलियन डॉलर का निवेश कर रखा है, ख़ासतौर पर इंफ्रा, ऊर्जा, टैक्सटाइल, स्टील, ऑटोमोटिव, माइनिंग, बैंकिग और कंज्युमर गुड्स के क्षेत्र में यह निवेश किए गए हैं.

इसके अलावा भारत और इंडोनेशिया के रक्षा सहयोगों को बढ़ावा देने के लिए साल 2018 में रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे. जिसके तहत दोनों देशों की वायुसेना, नौसेना और थलसेना लगातार एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं. दोनों देशों की थल सेना के बीच समय समय पर गरूड़ शक्ति सैन्य अभ्यास और नौसेना संयुक्त नेवल अभ्यास समुद्र शक्ति में शामिल होती है.

भारत-इंडोनेशिया कनेक्टिविटी

भारत और इंडोनेशिया के बीच सीधी हवाई कनेक्टिविटी की शुरूआत साल 2023 से हो चुकी है. मुंबई-जकार्ता, दिल्ली-बाली और बेंगलुरू-बाली के बीच सीधी उड़ान सेवा उपलब्ध है. 2023-24 में बाली में 6 लाख से ज़्यादा भारतीय पर्यटक पहुंचे हैं.  इंडोनेशिया में भारतीय मूल के लगभग 1 लाख 50 हज़ार लोग रहते हैं, जिनके पूर्वज 19वीं और 20वीं शताब्दी में भारत से इंडोनेशिया माइग्रेट कर गए थे. इंडोनेशिया में लगभग 14 हज़ार भारतीय नागरिक (NRI) रहते हैं.

पीएम मोदी ने कब किया था इंडोनेशिया का दौरा?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 2018 में इंडोनेशिया का आधिकारिक दौरा किया था. पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय संबंधों को व्यापाक रणनीतिक साझेदारी में तब्दील किया गया था. साल 2024 में ब्राजील में जी20 के साइडलाइन में पीएम मोदी और राष्ट्रपति सुबियांतो की मुलाकात हुई थी. दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात थी. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के भारत दौरे को लेकर तैयारियां भी जोरो पर हैं. भारत अपने मेहमान के स्वागत के लिए तैयार है.

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