ट्रंप के 145 प्रतिशत टैरिफ लगाने पर शी जिनपिंग की EU से अपील- एकतरफा ‘दादागीरी’ के खिलाफ साथ आओ

ट्रंप के 145 प्रतिशत टैरिफ लगाने पर शी जिनपिंग की EU से अपील- एकतरफा ‘दादागीरी’ के खिलाफ साथ आओ


China on US Tariffs: चीन ने शुक्रवार (11 अप्रैल)  को यूरोपीय संघ से अपील की कि वे अमेरिका की “एकतरफा दबंगई” के खिलाफ साथ मिलकर काम करें. चीन का यह बयान तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन से आने वाले कुछ सामानों पर 145% तक का भारी टैरिफ लगा दिया. इसके जवाब में यूरोपीय संघ ने भी कुछ टैक्स लगाने का फैसला किया था, लेकिन फिलहाल उन्होंने 20% टैक्स को 90 दिनों के लिए टाल दिया है.

चीन ने यह भी साफ कर दिया कि अगर अमेरिका ऐसे ही बिना सोच-विचार के कदम उठाता रहा तो वह भी पूरी तरह से व्यापार युद्ध के लिए तैयार है.

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने की ये अपील

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज़ से मुलाकात के दौरान यह अपील की. सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, शी जिनपिंग ने यूरोपीय संघ को भी चेतावनी दी कि उसे चीन के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि वे वॉशिंगटन डीसी (अमेरिका) के साथ बढ़ते व्यापार विवाद का सामना कर सकें.

चीनी राष्ट्रपति ने कहा, “चीन और यूरोप को मिलकर अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियां निभानी चाहिए और अमेरिका की एकतरफा धमकाने वाली नीतियों का मिलकर विरोध करना चाहिए.” उन्होंने पहले दिए गए अपने बयानों को दोहराते हुए यह भी कहा कि इससे न सिर्फ दोनों पक्षों के अधिकार और हित सुरक्षित रहेंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्याय और बराबरी को भी मजबूती मिलेगी.

स्पेन के प्रधानमंत्री ने कही ये बात

स्पेन के प्रधानमंत्री ने कहा कि व्यापार को लेकर चल रहे तनाव की वजह से यूरोपीय संघ और चीन के बीच सहयोग रुकना नहीं चाहिए. प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने माना, “स्पेन और यूरोप को चीन के साथ व्यापार में घाटा हो रहा है.” उन्होंने यह भी कहा, “हमें इस व्यापार तनाव को हमारे आपसी रिश्तों और भविष्य के सहयोग में रुकावट नहीं बनने देना चाहिए.”  स्पेन हर साल चीन से करीब 50 बिलियन डॉलर का सामान खरीदता है.

ब्रिटिश और जापानी प्रधानमंत्री ने भी जताई थी निराशा

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के बीच हाल ही में बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि ट्रेड वॉर से किसी को भी फायदा नहीं होगा. समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, यह बैठक ऐसे समय में हुई जब अमेरिका ने ज्यादातर देशों से आने वाले सामान पर 10% टैरिफ लगा दिया है. इसके अलावा स्टील, एल्युमिनियम और कार के पार्ट्स पर 25% तक का टैक्स लगाया गया है. 

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने पहले ही कहा था कि यह संभव नहीं लगता कि अमेरिका ब्रिटिश सामानों पर लगाए गए 10% टैक्स को हटाएगा. अब वे अमेरिकी राष्ट्रपति से यह गुज़ारिश कर रहे हैं कि ब्रिटिश कारों पर लगाए गए 25% टैरिफ को हटाया जाए. इस बीच जापान ने भी ऐलान किया है कि वह अमेरिका के साथ टैरिफ पर बातचीत के लिए अगले हफ्ते तक अपने आर्थिक मंत्री रयोसेई अकाजावा को भेजेगा.



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