CBI Court Summoned Hindalco Industries : देश के सबसे बड़े औद्योगिक घरानों में से एक हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और इसके दो वरिष्ठ अधिकारियों पर कोयला घोटाले के मामले में शिकंजा कसता जा रहा है. रॉउज एवन्यू कोर्ट की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने कंपनी और उसके अधिकारियों को धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और विश्वासघात जैसे गंभीर आपराधिक आरोपों में समन जारी किया है. अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया साक्ष्य मुकदमे लायक हैं और तीनों को 6 मई (मंगलवार) को अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया गया है.
अवैध रूप से निकाला गया 4.8 मिलियन टन कोयला- CBI
CBI की विस्तृत जांच के मुताबिक, हिंडाल्को ने 2004-05 और 2011 में स्वीकृत खनन योजना का उल्लंघन करते हुए लगभग 4.8 मिलियन टन कोयले का अवैध खनन किया. जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने केंद्र सरकार को गुमराह कर कोयला खनन की मंजूरी हासिल की और फिर नियमों को दरकिनार करते हुए खनन कार्य किया.
CBI की चार्जशीट में गंभीर धाराएं
सीबीआई ने IPC की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी), और 409 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत मामला दर्ज किया है. अदालत में पिछले साल दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट के आधार पर अब मुकदमा शुरू होने की दिशा में कदम बढ़ गया है.
कोयला घोटाले की बड़ी कड़ी
यह मामला उस बहुचर्चित कोयला आवंटन घोटाले से जुड़ा है, जिसने वर्ष 2012 में तत्कालीन केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे. इस घोटाले में कई कंपनियों और उद्योगपतियों के नाम सामने आ चुके हैं, लेकिन हिंडाल्को पर मुकदमा चलने की प्रक्रिया शुरू होना, पूरे मामले में एक टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है.
कोयला घोटाले में अब क्या होगा आगे?
कानूनी जानकारों का मानना है कि यह मामला केवल एक कंपनी पर नहीं, बल्कि पूरे कॉर्पोरेट गवर्नेंस और सरकारी पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है. 6 मई को होने वाली पेशी इस हाई-प्रोफाइल केस में अगला अहम मोड़ साबित हो सकती है.