Supreme Court Formed Committee To Listen Harassment Complaints: सुप्रीम कोर्ट परिसर में यौन उत्पीड़न के खिलाफ महिलाओं की शिकायत सुनने के लिए चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने नई आंतरिक शिकायत कमिटी के गठन किया है. सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बी वी नागरत्ना को इसका अध्यक्ष बनाया गया है. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह इसके सदस्य हैं. वरिष्ठ वकील और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद बांसुरी स्वराज को भी इस कमिटी में चीफ जस्टिस की तरफ से नामित सदस्य के रूप में जगह मिली है.
इससे पहले जस्टिस हिमा कोहली इस कमिटी की अध्यक्ष थीं. पिछले साल सितंबर में जस्टिस कोहली सेवानिवृत्त हो चुकी हैं. अब लैंगिंक संवेदनशीलता और यौन उत्पीड़न को लेकर नई आंतरिक शिकायत कमिटी का गठन किया गया है. सुप्रीम कोर्ट में 2013 से ही इससे जुड़े नियम लागू हैं. Gender Sensitisation & Sexual Harassment of Women at the Supreme Court of India (Prevention, Prohibition & Redressal) Regulations, 2013 कहे जाने वाले इन नियमों में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को शिकायत कमिटी के गठन का अधिकार दिया गया है.
चीफ जस्टिस ने 11 सदस्यों वाली आंतरिक शिकायत कमिटी का किया गठन
सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार (बिल्डिंग एंड कोर्ट) के दस्तखत से जारी ऑफिस ऑर्डर में बताया गया है कि चीफ जस्टिस ने 11 सदस्यीय आंतरिक शिकायत कमिटी का गठन किया है. इस कमिटी में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्रार सुजाता सिंह, वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी के अलावा सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन, सुप्रीम कोर्ट बार क्लर्क एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी शामिल हैं. वरिष्ठ वकील बांसुरी स्वराज, लिज मैथ्यू और यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो से जुड़ी डॉक्टर लेनी चौधरी को चीफ जस्टिस की तरफ से नामित सदस्य के तौर पर कमिटी में जगह मिली है.