प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (30 अगस्त, 2025) को अपनी दो दिवसीय जापान यात्रा को खत्म करने के बाद चीन के दौरे पर पहुंचे हैं. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात सालों के बाद पहली चीन यात्रा है, जहां वह चीन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन (SCO Summit), 2025 में शामिल होंगे.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी को चीन के तियानजिन में आयोजित होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए निमंत्रण दिया था. यह निमंत्रण ऐसे समय पर आया जब भारत और चीन के बीच साल 2020 की सीमा झड़पों के बाद तनावपूर्ण हुए रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. वहीं, दूसरी तरफ पीएम मोदी की चीन यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध के बीच रूस से तेल की खरीदारी को लेकर भारत से नाराजगी जताई है और भारत पर रूसी तेल आयात करने को लेकर 50 परसेंट का टैरिफ लगा दिया है.
चीन यात्रा को लेकर क्या है पीएम मोदी का एजेंडा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार-सोमवार (31 अगस्त-1 सितंबर, 2025) को चीन के तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO Summit) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. भारत साल 2017 से SCO का सदस्य है.
- पीएम मोदी रविवार (31 अगस्त, 2025) को बैंक्वेट डिनर में शामिल होंगे.
- SCO में शामिल मुख्य देशों के नेताओं का शिखर सम्मेलन सोमवार (1 सितंबर, 2025) को आयोजित होगा.
- SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को दोहरा सकते हैं.
- एससीओ शिखर सम्मेलन के साथ, प्रधानमंत्री मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक होने की भी संभावना है. इसके अलावा, पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे.
पीएम मोदी करेंगे कई द्विपक्षीय बैठकें- विक्रम मिस्री
वहीं, भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पीएम मोदी के चीन यात्रा को लेकर कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन के अलावा कई द्विपक्षीय बैठकों में भी भाग लेंगे. हम अभी इन बैठकों को अंतिम रूप दे रहे हैं और आपको सभी कार्यवाही के बारे में अपडेट देते रहेंगे.’
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