Dollar vs Rupee: भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ के बावजूद प्रेशर से ऊपर उठकर रुपये ने करेंसी के रिंग में डॉलर को उसकी औकात बताते हुए गुरुवार 28 अगस्त 2025 को 10 पैसे की बढ़त दर्ज की. इसके बाद डॉलर की तुलना में भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार के दौरान 87.59 पर पहुंच गया. बुधवार को गणेश चतुर्थी होने की वजह से बाजार बंद था, जबकि उससे पहले यानी मंगलवार को रुपया 87.68 के स्तर पर बंद हुआ था.
हाई टैरिफ के दबाव को रुपये ने दी शिकस्त
अमेरिका की तरफ से लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत पैनल्टी बुधवार सुबह भारतीय समयानुसार सवा नौ बजे प्रभावी हुई. यह टैरिफ रूस से तेल खरीदने की वजह से भारत पर लगाया गया है, जबकि 25 प्रतिशत का बेस टैरिफ पहले से ही लागू है. भूराजनीतिक तनाव के बावजूद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के दखल से भारतीय रुपये की मजबूती कायम रही और वह डॉलर के मुकाबले टिककर खड़ा रहा.
शेयर बाजार में गिरावट
विदेशी मुद्रा कारोबारियों (Forex Traders) का कहना है कि आरबीआई ने स्थानीय मुद्रा को उसके सर्वकालिक निम्न स्तर को पार करने से बचाने के लिए हस्तक्षेप किया, जिससे रुपये को अतिरिक्त समर्थन मिला. हालांकि, विदेशी पूंजी की निकासी और कमजोर घरेलू शेयर बाजार ने स्थानीय मुद्रा की तेज बढ़त को सीमित कर दिया.
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Interbank Foreign Exchange Market) में रुपया डॉलर के मुकाबले 87.56 पर खुला और फिर 87.59 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 10 पैसे की बढ़त दर्शाता है. इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.16 प्रतिशत गिरकर 98.07 पर आ गया.
घरेलू शेयर बाजार और क्रूड ऑयल
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 508.16 अंक फिसलकर 80,278.38 अंक पर और निफ्टी 157.35 अंक की गिरावट के साथ 24,554.70 अंक पर आ गया. अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.76 प्रतिशत गिरकर 67.53 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) मंगलवार को बिकवाल रहे और उन्होंने शुद्ध रूप से 6,516.49 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.